संस्थापक का संदेश

एक विचार से एक संकल्प तक

अंत्योदय की परिकल्पना केवल एक मंच के निर्माण का प्रयास नहीं है, बल्कि उन युवाओं के लिए एक अवसर और मार्ग तैयार करने का संकल्प है, जो राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहते हैं और सार्वजनिक जीवन तथा राजनीति में अपनी भूमिका निभाने का सपना रखते हैं।

इस विचार को दिशा और प्रेरणा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के उस आह्वान से मिली, जिसमें उन्होंने ऐसे युवाओं को राजनीति में आगे आने का अवसर देने की आवश्यकता पर बल दिया, जिनकी कोई राजनीतिक पारिवारिक पृष्ठभूमि नहीं है।

मेरा दृढ़ विश्वास है कि भारत में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उचित अवसर, मार्गदर्शन और एक ऐसे मंच की है, जहाँ योग्यता को पहचान मिल सके।

देश के अनेक युवा शिक्षा, व्यवसाय, विज्ञान, तकनीक, कृषि, सामाजिक सेवा और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता सिद्ध कर रहे हैं। लेकिन जब बात सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय भागीदारी की आती है, तो अनेक योग्य युवा स्वयं को इससे दूर पाते हैं।

अंत्योदय इसी दूरी को कम करने का एक प्रयास है।

हमारा उद्देश्य ऐसे युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है, जो—

  • किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते, फिर भी देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।

  • अपनी पहचान या पारिवारिक पृष्ठभूमि के बजाय अपनी योग्यता और विचारों के आधार पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

  • समाज की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके समाधान में योगदान देना चाहते हैं।

  • राजनीति को केवल पद और सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानते हैं।

  • लोकतांत्रिक व्यवस्था में सकारात्मक, रचनात्मक और जिम्मेदार भूमिका निभाना चाहते हैं।

हमारा विश्वास

नेतृत्व विरासत से मिल सकता है, लेकिन नेतृत्व की वास्तविक पहचान योग्यता, विचार, चरित्र और सेवा से होती है।

इसी विश्वास के साथ अंत्योदय युवाओं को विचार, संवाद, सेवा और नेतृत्व के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर देने की दिशा में कार्य करेगा।

हम चाहते हैं कि एक युवा केवल किसी समस्या की शिकायत करने वाला नागरिक न रहे, बल्कि उस समस्या को समझने, उसका समाधान खोजने, उस पर संवाद करने और समाधान को धरातल पर उतारने वाला जिम्मेदार नागरिक और भावी नेतृत्वकर्ता बने।

हमारा संकल्प

हम ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास करेंगे जहाँ—

पहचान से पहले योग्यता,
पद से पहले सेवा,
राजनीति से पहले राष्ट्रहित,
और अधिकार से पहले जिम्मेदारी हो।

अंत्योदय किसी एक व्यक्ति की यात्रा नहीं है।

यह उन सभी युवाओं की यात्रा है, जो मानते हैं कि भारत के भविष्य के निर्माण में उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

यदि आपके पास विचार है, सेवा की भावना है और राष्ट्र के लिए कुछ करने का संकल्प है—

तो अंत्योदय आपका मंच है।

आइए, विचार से संवाद की ओर,
संवाद से समाधान की ओर,
और समाधान से राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ें।

— अमन शर्मा

संस्थापक, अंत्योदय